Tuesday, 1 July 2014

अपने जज्बाद को शब्दों में पिरोना मुश्किल था 
कलम भी रूककर पूछे , है  बड़ी वो अनमोल

कलम  की बातें अनसुना कर 
तुम्हारी  अदाओं को कागज पे उतारना मुश्किल था 

तुमको पाके लगा,  ज़िन्दगी का अहसास और 
मन में उमंग ज्यादा, हर पल में लम्हें और 

कितनी भी हो तूफानी रात, तुम्हारा जोश ना डगमाये 
चलूँगा हाथ थामे तट तक, जब तक फिर से सुबह ना  आये

शायद तुम्हें न दे पाऊं, हर क्षणिक सुख 
पर हमेशा छाँव बनूँगा, कितनी भी हो कड़कती धुप 

रखना विश्वास मेरे हर कदमों पे, हर मुश्किल को हँसते खेलते लांघा है 
तेरा बस साथ रहे तो, मेरे हर पल में ख़ुशी ज्यादा है

अपने बड़े सभी का आदर कर, हर कदम आगे बढ़ाना है
उनकी आँखों में ख़ुशी देख कर, अपना हर जनम दिन सफल बनाना है 


Will be always with you my love :)
Happy B'Day !!!

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